• चिकित्सालय के इलेक्ट्रॉनिक पैनल में लगी आग, कोई जन हानि नहीं

    चिकित्सालय के इलेक्ट्रॉनिक पैनल में लगी आग, कोई जन हानि नहीं

     

    जिला चिकित्सालय मुरैना में सर्जिकल ऑपरेशन थियेटर के बाहर इलेक्ट्रिक पैनल में आग लगने की घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। सिविल सर्जन डॉ. जी.एस. तोमर ने बताया कि उस समय ऑपरेशन थियेटर में कोई भी मरीज नहीं था।

    सिविल सर्जन ने बताया कि आग पर सफलता पूर्वक नियंत्रण कर लिया गया है। पास के सर्जिकल वार्ड के सभी मरीजों को सुरक्षित कर लिया गया था। आग से कोई जन हानि नहीं हुई है।

  • पूरी दुनिया समझ रही है सनातन संस्कृति को : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    पूरी दुनिया समझ रही है सनातन संस्कृति को : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

     

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज पूरी दुनिया सनातन संस्कृति को अब बेहतर तरीके से समझ रही है। उन्होंने कहा कि हर ब्लॉक में एक वृंदावन गांव बनाया जाएगा और दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को देश में नंबर वन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंदसौर में सोमयज्ञ में सम्मिलित हुए और यज्ञ में आहुति देने के साथ संतों का आशीर्वाद भी प्राप्त किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजा-अर्चना की तथा सुख, शांति, समृद्धि कामना की। मुख्यमंत्री ने मंच से संत जनों का शॉल-श्रीफल से सम्मान किया। पवित्र नगरी मंदसौर को नशा मुक्त करने पर 160 समाजों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अभिनंदन पत्र भेंट किया गया। इस दौरान सर्वाध्यक्ष पू.पा. डॉ. आचार्य गोस्वामी गोकुलोत्सवजी महाराज, जिले की प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया, वल्लभ मूल के आचार्यगण, सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक सर्वचंदर सिंह सिसोदिया, ओम प्रकाश सखलेचा, माधव मारू, दिलीप सिंह परिहार और राजेश दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हम सब सोमयज्ञ का हिस्सा बने है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी इस यज्ञ का विशेष महत्व है। पूरी दुनिया सनातन संस्कृति को समझ रही है। सनातन संस्कृति की अपनी अलग विशेषता रही है। दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश में वर्तमान में 9% दूध उत्पादन होता है जिसको बढ़कर 20% किया जाएगा। दूध उत्पादन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को प्रथम स्थान पर लाया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर ब्लॉक में वृंदावन गांव बनाए जाएंगे। दूध का उत्पादन बढ़ाने के विशेष प्रयास किये जाएंगे। गांव की गौशाला अच्छे से संचालित हो इसके लिए प्रयास होंगे। एक व्यक्ति 25 गाय की एक इकाई मानकर आठ इकाई रख सकेंगे। कामधेनु योजना को जमीन स्तर पर उतारेंगे। समाज में संस्कार दिखे इसके लिए धार्मिक नगरों में शराबबंदी की गई। कृष्ण की लीलाओं के पवित्र स्थान को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएंगे।

  • जेनेटिक काउंसलिंग में समुदाय का सहयोग लिया जाए : राज्यपाल पटेल

    जेनेटिक काउंसलिंग में समुदाय का सहयोग लिया जाए : राज्यपाल पटेल

     

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों में जेनेटिक काउंसलिंग की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। जेनेटिक काउंसलिंग कार्य में मध्यस्थों की भूमिका की संभावनाओं पर कार्य करते हुए समुदाय का सहयोग प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा है कि सिकल सेल एनीमिया आनुवंशिक रोग है। रोग को खत्म करने के लिए वैवाहिक और गर्भधारण संबंधी सावधानियां के बारे में सामुदायिक जन जागृति की दिशा में प्रभावी पहल जरूरी है। जेनेटिक काउंसलिंग कार्य में समुदाय के नेतृत्व और पंचायत पदाधिकारियों का सहयोग भी लिया जाना चाहिए।

    राज्यपाल पटेल राजभवन में जनजातीय प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार भी मौजूद थे।

    राज्यपाल पटेल ने कहा कि रोगी को स्वस्थ बनाने के सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रमाणित औषधियों और चिकित्सा पद्धतियों को स्वीकार किया जाना चाहिए। मध्यप्रदेश के वनों में प्रचुर मात्रा में वन औषधियों की उपलब्धता है। इन औषधियों के सिकल सेल रोगी को स्वस्थ बनाने के अनुभवों और उपयोग के परीक्षणों के प्रमाणीकरण का कार्य व्यापक स्तर पर तेज गति से किया जाए। लक्ष्य समस्त रोगी और वाहकों को स्वास्थ सुविधा उपलब्ध कराना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिकल सेल एक जटिल रोग है, जो लगभग 21 प्रकार के रोगों का कारण बन सकता है। जरूरी है कि रोग प्रबंधन के कार्य बहुआयामी और एकीकृत स्वरूप में किए जाएं। समस्त रोगियों की उपचार व्यवस्थाओं के साथ ही वाहकों को भी आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी सहयोग प्रदान किया जाए। स्वस्थ जीवन शैली के लिए मार्गदर्शन दिया जाए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि रोग नियंत्रण प्रयासों को व्यक्ति केंद्रित किया जाए। हर स्तर पर औषधियों की पर्याप्त उपलब्धता हो। समस्त रोगियों और वाहकों को उपचार,औषधि और जेनेटिक काउंसलिंग की सेवाएं उपलब्ध हो। उन्होंने छात्रावासों के भोजन में लौह तत्व की उपलब्धता वाले खाद्य पदार्थों को जोड़ने की जरूरत बताई है। गर्भवती महिलाओं की सिकल सेल जांच, जेनेटिक परामर्श और नवजात शिशुओं के वैक्सीनेशन के प्लेटफार्म के रूप में आंगनवाड़ियों को शामिल करने के लिए कहा है।

    बैठक में जनजाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता, प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव एवं अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

  • सिकल सेल औषधियां विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों की मोबाइल मेडिकल यूनिट में उपलब्ध हो : राज्यपाल पटेल

    सिकल सेल औषधियां विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों की मोबाइल मेडिकल यूनिट में उपलब्ध हो : राज्यपाल पटेल

     

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि पीएम जनमन योजना अंतर्गत दूररस्थ अंचलों के लिए संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट को सराहनीय पहल बताया है। उन्होंने बैगा, भारिया और सहरिया जनजातीय अंचलों में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट में सिकल सेल एनीमिया रोग की दवाईयों सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए कहा है।

    राज्यपाल पटेल वन एवं जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा बैठक का आयोजन जनजातीय प्रकोष्ठ के तत्वावधान में जवाहर खण्ड राजभवन में किया गया था। राज्यपाल पटेल ने वन अधिकार अधिनियम 2006 क्रियान्वयन कार्य की समीक्षा की। सामुदायिक और व्यक्तिगत वन अधिकारों, वन संसाधन संरक्षण, वन ग्राम के राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन के कार्य की प्रगति से भी अवगत हुए। उनके समक्ष जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान योजना अंतर्गत किए जाने वाले कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की गई।

    राज्यपाल पटेल ने कहा कि पीएम जनमन आवास योजना अंतर्गत बनने वाले मकानों की डिजाइनिंग, आकार के प्रारूप के संबंध में राज्य स्तर से मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। कार्य की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों के द्वारा निर्माण कार्य का क्षेत्र निरीक्षण भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि योजना के हितग्राही को आवास की डिजाइनिंग और आकार में परिवार की जरूरतों, प्रकाश और हवा के समुचित प्रबंध करने के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभियान अवधि के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की समय सीमा में पूर्ति भी सुनिश्चित की जाए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि जनजातीय प्रकोष्ठ द्वारा त्रैमासिक आधार पर विभागीय समीक्षा बैठकें आयोजित की जाए। बैठक में संबंधित विभाग द्वारा विगत तीन माह की अवधि में विभागीय योजनाओं, कार्यों की प्रगति की संकलित जानकारी प्रस्तुत की जाए।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा, उपसचिव श्रीमती वंदना वैद्य, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वी.एन. अंबाडे, प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ विभाष ठाकुर, सचिव वन अतुल मिश्रा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

  • प्रदेश में लगेंगे किसान मेले: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश में लगेंगे किसान मेले: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

     

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी संभागों में इस वर्ष किसान मेले आयोजित होंगे जिसमें किसानों को कृषि, खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित विभिन्न कार्य पद्धतियों और नए अनुसंधान की जानकारी दी जाएगी। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से संबंधित मार्गदर्शन दिया जाएगा। कृषि कार्यों से जुड़े आधुनिक उपकरणों को प्रदर्शित भी किया जाएगा। आगामी 3 मई को मंदसौर में किसान मेले का आयोजन जा रहा है। संभाग स्तरीय किसान मेलों के बाद अक्टूबर माह में एक वृहद राज्य स्तरीय किसान मेला भी आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर भारतीय किसान संघ ने प्रदेश में किसानों को 5 रुपए के शुल्क पर विद्युत कनेक्शन और फसलों पर बोनस राशि प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।